दोस्तों क्या देखकर पता चल सकता है कि पहले से*क्स हुआ है या नहीं
दोस्तों क्या देखकर पता चल सकता है कि पहले से*क्स हुआ है या नहीं? क्या आपने कभी सोचा है कि क्या हर महिला की बनावट एक जैसी होती है या फिर सिर्फ देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि सामने वाली महिला वर्जिन है या नहीं। आज की यह स्टोरी उन सभी मर्दों के लिए है जो सिर्फ सुनी सुनाई बातों पर यकीन करते हैं और उन महिलाओं के लिए भी जो अपनी बॉडी को लेकर अक्सर शर्मिंदगीगी महसूस करती हैं। आज हम पर्दा उठाएंगे उन राजों से जिन्हें अक्सर लोग अंधेरे में भी डिस्कस करने से डरते हैं। क्या यो*नी का रंग और शेप सच में आपके सेक्सुअल प्लेजर को बदल सकता है या फिर गीली और ड्राई यूनिक के पीछे का सच कुछ और ही है? अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो पार्टनर को अट्रैक्ट करने के सही तरीके ढूंढ रहे हैं तो अगले कुछ मिनट आपकी सोच बदल देंगे। स्टोरी को अंत तक पढ़े क्योंकि आज जो खुलासे मैं करने वाली हूं वह आपको किसी किताब में नहीं मिलेंगे चलिए शुरू करते हैं। अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि डॉक्टर क्या एक ही तरीके की यो*नि होती है? तो जवाब है बिल्कुल नहीं। जैसे हर इंसान का चेहरा अलग होता है, वैसे ही हर फीमेल की बनावट अलग होती है। जिसे आप बाहर से देखते हैं, उसे असल में ववा कहा जाता है। इसमें कई तरह की शेप्स होती हैं। बार्ली शेप इसमें अंदर के लिप्स, लेबिया, माइनोरा बिल्कुल ढके होते हैं और यह काफी बैलेंस्ड दिखती है। फ्लावर शेप। इसमें पंखुड़ियों की तरह बनावट होती है जो दिखने में बहुत नेचुरल और अट्रैक्टिव मानी जाती है। कर्टन शेप जहां बाहर के हिस्से थोड़े बड़े होते हैं। इन सभी में कोई भी गलत या एबनॉर्मल नहीं है। मर्दों को सबसे ज्यादा वह अट्रैक्ट करता है जहां साफ सफाई हो और कॉन्फिडेंस हो। सबसे बड़ा सवाल क्या देखकर पता चल सकता है कि पहले से*क्स हुआ है या नहीं? सच तो यह है कि किसी भी फीमेल के प्राइवेट पार्ट को सिर्फ देखकर आप उसकी वर्जिनिटी का अंदाजा नहीं लगा सकते। हाइमन का टूटना सिर्फ से*क्स से नहीं बल्कि एक्सरसाइज या स्पोर्ट्स से भी हो सकता है। रही बात ड्राईनेस की तो अगर उत्तेजना, अराउजल की कमी है या हॉर्मोंस का बैलेंस बिगड़ा है तो यो*नि ड्राई महसूस हो सकती है। वहीं गीली यो*नि का मतलब है कि बॉडी पूरी तरह से तैयार और हेल्दी है। लेकिन अगर यह डिस्चार्ज बदबूदार है या खुजली है तो आपको ध्यान देने की जरूरत है। चलिए बात करते हैं उन 11 पोजीशंस की जो ना केवल आपके अनुभव को बेहतर बनाती है बल्कि पार्टनर के साथ जुड़ाव को और भी गहरा और रोमांटिक कर देती है। द क्लासिक मिशनरी यह सबसे बेसिक और सबसे रोमांटिक है क्योंकि इसमें आप एक दूसरे की आंखों में देख सकते हैं और इमोशनली कनेक्ट हो पाते हैं। काऊ गर्ल इसमें महिला का कंट्रोल ज्यादा होता है। जिससे उसे अपनी पसंद के हिसाब से गहराई और स्पीड तय करने की आजादी मिलती है। स्पूनिंग जब आप थके हो लेकिन प्यार जताना चाहते हो तो यह सबसे आरामदायक और क्लोज पोजीशन है। डॉग स्टाइल यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें डीप पेनिट्रेशन और ज्यादा रोमांच पसंद है। रिवर्स काऊ गर्ल। इसमें विजुअल अट्रैक्शन बहुत ज्यादा होता है और यह अनुभव को काफी अलग और हॉट बना देता है। द ब्रिज इसमें थोड़ा फिजिकल एफर्ट लगता है। लेकिन यह प्लेजर को कई गुना बढ़ा देती है। स्टैंडिंग पोजीशन अगर आप कुछ नया और वाइल ट्राई करना चाहते हैं, तो दीवार का सहारा लेकर यह पोजीशन कमाल की है। एज ऑफ द बेड। बिस्तर के किनारे का इस्तेमाल करके आप गहराई को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं। लॉट्स पोजीशन इसमें पार्टनर एक दूसरे की गोद में बैठकर लिपट जाते हैं जो इंटिमेसी के लिए सबसे बेस्ट मानी जाती है। द चेयर एक कुर्सी का इस्तेमाल करके आप अपनी थकान कम कर सकते हैं और मजे को लंबा खींच सकते हैं। द सीज़र्स, सीज़र्स। इसमें पैर आपस में उलझे होते हैं, जो घर्षण, फ्रिक्शन को बढ़ाता है और एक अनोखा एहसास देता है। अगर आप स्टैमिना और फर्टिलिटी को बढ़ाना चाहते हैं, तो किसी भी केमिकल वाली दवा की जगह शुद्ध शिलाजीत का इस्तेमाल करें। यह पुरुषों में स्पर्म काउंट और महिलाओं में हार्मोनल बैलेंस को बेहतर बनाता है। यह तनाव कम करता है और आपकी परफॉर्मेंस को नेचुरल तरीके से सुधारता है।
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