सेक्स" को दबाने की वजह से पागल होते हैं
अगर सौ आदमी पागल होते हैं, तो उसमें से अठानवे आदमी "सेक्स" को दबाने की वजह से पागल होते हैं।
अगर हजारों स्त्रियां हिस्टीरिया से परेशान हैं,तो उस में से निन्यानवे स्त्रियों के हिस्टीरिया के, मिरगी के,बेहोशी के पीछे "सेक्स" की मौजूदगी है,"सेक्स" का दमन मौजूद है। अगर आदमी इतना बैचैन, अशांत,इतना दुखी और पीड़ित है, तो इस पीड़ित होने के पीछे उसने जीवन की एक बड़ी शक्ति को बिना समझे उसकी तरफ पीठ खड़ी कर ली है,उसका कारण है। और परिणाम उल्टे आते हैं।
यही नहीं यदि स्त्री या पुरुष को किसी प्रकार की यौन तकलीफ है । जैसे पुरुषों में उत्तेजना का अभाव , अधूरी उत्तेजना , संसर्ग के दौरान बीच में ही उत्तेजना का समाप्त या कम हो जाना , कामुक दृश्य देखने या कल्पना करने से स्वत : वीर्यपात हो जाना या संसर्ग के शुरू में या अधबीच में ही वीर्यस्खलन हो जाना , वीर्य का पतलापन या अल्पशुक्राणुता इत्यादि ! इसी तरह से स्त्रियों में श्वेत प्रदर , रक्त प्रदर , संसर्ग के दौरान यौनांगों में खिंचाव और असहनीय दर्द , छिलन , अत्यधिक शिथिलता , माहवारी में स्त्राव की कमी या स्त्राव की अधिकता , दर्दनाक माहवारी , अण्डा का नहीं बनना या अन्य कोई यौन समस्या ? ...... इस छोटे से लेख को पढकर कितना अच्छा हो कि जिस किसी भी स्त्री या पुरुष को गुदाद्वार या प्रजजन अंगों से जुड़ी ऐसी कोई भी छोटी या बड़ी समस्या है , वह बिना किसी संकोच के संपर्क करें सभी समस्या का समाधान किया जाएगा
शर्म नहीं, समाधान चुनें: यौन समस्याओं को छिपाना क्यों पड़ सकता है भारी?
यौन स्वास्थ्य (Sexual Health) केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिर भी हमारे समाज में आज भी बहुत से लोग शर्म और संकोच के कारण अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात नहीं कर पाते। यही संकोच कई बार छोटी समस्या को बड़ी परेशानी में बदल देता है।
पुरुषों में होने वाली सामान्य यौन समस्याएँ
- इरेक्शन (उत्तेजना) में कमी या कठिनाई
- शीघ्रपतन (Premature Ejaculation)
- संभोग के दौरान इरेक्शन का कम हो जाना
- यौन इच्छा में कमी
- वीर्य संबंधी समस्याएँ
- संतान प्राप्ति में कठिनाई
महिलाओं में होने वाली सामान्य समस्याएँ
- श्वेत प्रदर
- मासिक धर्म की अनियमितता
- अत्यधिक या कम रक्तस्राव
- दर्दनाक माहवारी
- संभोग के दौरान दर्द या असुविधा
- गर्भधारण में कठिनाई
क्या मानसिक तनाव का असर यौन जीवन पर पड़ता है?
हाँ। लंबे समय तक रहने वाला तनाव, चिंता, अवसाद, नींद की कमी और भावनात्मक दबाव यौन जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर किसी भी तरह की....* *चिन्ता (Tension),* *तनाव (Stress),* *अवसाद (Depression),* *बेचैनी और घबराहट (Anxiety),* *डर (Fear),* *अफ़सोस (Regret) और* *दुःख (Grief, Sorrow)
1️⃣ याद्दाश्त कमज़ोर होती जाती है.!
2️⃣ सिरदर्द और थकावट रहने लगती है.!
3️⃣ चिड़चिड़ापन/झुंझलाहट बढ़ने लगती हैं.!
4️⃣ ज़िन्दगी बेकार लगने लगती है.!
5️⃣ किसी भी काम में मन नहीं लगता है.!
6️⃣ किसी से भी बात करने का मन नहीं करता है.!
7️⃣ घर में किसी से भी बात नहीं करना और अकेलापन शुरु हो जाता है.!
8️⃣ सारा दिन हताशा, निराशा और उदासी में ही निकलता है.. इसके कारण व्यक्ति में थकान, चिड़चिड़ापन, आत्मविश्वास में कमी, रिश्तों में दूरी और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है।
आपके वैवाहिक जीवन, मानसिक स्वास्थ्य या संतान प्राप्ति को प्रभावित कर रही है, तो बिना संकोच समय पर सलाह ज़रूरी है?
शुरुआती अवस्था में अधिकांश यौन और प्रजनन संबंधी समस्याओं का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। इसलिए इंटरनेट पर मिली अधूरी जानकारी या घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
संपर्क करें
यदि आप या आपका जीवनसाथी यौन स्वास्थ्य, मानसिक तनाव या संतान प्राप्ति से जुड़ी किसी समस्या से परेशान हैं, तो विशेषज्ञ से सलाह प्राप्त करें।
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