औरत यौवन अवस्था में भागती है
यह औरत की योनि का सबसे बड़ा जादूगर है इसको औरत का अमृत कहा जाता है इसी से दुनिया चलती है इसी से जीव स्त्री और पुरुष की उत्पत्ति होती है इसी से औरत को चरम सुख की प्राप्ति होती है औरत यौवन अवस्था में इसी की तरफ भागती है इसको पाने के लिए यह अमूल्य इसका कोई मूल्य नहीं हैजब यह रस औरत की योनि में प्रवेश करता है तो औरत का यौवन खुशबू सुगंध से परिपूर्ण हो जाता है औरत के शरीर में निखार आ जाता है लड़की से औरत बन जाती है औरत के जीवन का सच्चा सुख यही है इसी से औरत मां बनती है इस औरत का अमृत कहते हैं शुद्ध भाषा में इसे वीर्य कहते हैं इसकी चमक सूर्य से भी तेज है यह जब औरत की योनि में प्रवेश करता है औरत के शरीर में निखार जाता हैवह संपूर्ण औरत बन जाती हैपूर्ण रूप से औरत के जवानी के चार चांद लग जाते हैं औरत पूर्ण संतुष्ट इसी से संतुष्ट होती है यही वह पदार्थ है जिसे वीर्य कहते हैं
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